भारत और जापान के बीच एक ऐतिहासिक अंतरिक्ष समझौता हुआ है, जिसके तहत दोनों देश मिलकर चांद के दक्षिणी ध्रुव की स्टडी करेंगे। इस समझौते के तहत, भारत का चंद्रयान-5 मिशन जापान के रॉकेट से लॉन्च होगा। वही इसका समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुआ, जो दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देगा। चंद्रयान-5 का लक्ष्य चांद के दक्षिणी ध्रुव में पानी और खनिजों की खोज करना है, जो भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा और संभावित कॉलोनियों के लिए अहम हो सकता है। वही यह मिशन ना सिर्फ भारत की अंतरिक्ष विज्ञान में बढ़ती ताकत को दिखाता है, बल्कि भारत-जापान के रिश्तों में भी एक नई पूरी खबर यहां देखें
