अक्सर लोग मान लेते हैं कि अगर गाड़ी खड़ी है, या खुद ड्राइव नहीं कर रहे हैं, तो कार में बैठकर शराब पीना कोई अपराध नहीं है। कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि अगर ड्राइवर पूरी तरह सोबर है और सिर्फ बगल में बैठा दोस्त शराब पी रहा है, तो कानून कुछ नहीं करेगा।
लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
कार घर से बाहर है तो पब्लिक प्लेस मानी जाएगी
कानून के अनुसार, अगर आपकी कार घर की चारदीवारी से बाहर है, तो वह पब्लिक प्लेस की श्रेणी में आती है। इसका मतलब यह हुआ कि कार के अंदर किया गया शराब का सेवन भी पब्लिक प्लेस में शराब पीने जैसा ही माना जाएगा।
चाहे गाड़ी पार्क हो, इंजन बंद हो या आप ड्राइव न कर रहे हों —
कार में शराब पीना कानूनन अपराध है।
पार्क कार में ड्रिंक करना भी अपराध
अगर आप और आपके दोस्त किसी सड़क, पार्किंग या सार्वजनिक जगह पर खड़ी कार में शराब पीते पाए जाते हैं, तो:
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आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है
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संबंधित धाराओं में केस दर्ज हो सकता है
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जेल तक की सजा हो सकती है
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आपकी गाड़ी जब्त की जा सकती है
यानि “कार-ओ-Bar” का शौक आपको कोर्ट के चक्कर लगवा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया था।
कोर्ट ने कहा कि बिहार एक्साइज (संशोधन) अधिनियम 2016 के तहत प्राइवेट कार को पब्लिक प्लेस की परिभाषा से बाहर नहीं रखा जा सकता।
जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस के.एम. जोसेफ की बेंच ने स्पष्ट किया कि:
अगर कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में खड़ी निजी गाड़ी के अंदर शराब पीता है, तो यह भी कानून के तहत अपराध होगा।
ड्राइवर ही नहीं, पैसेंजर भी फंस सकते हैं
अगर कार में:
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कोई भी व्यक्ति शराब पी रहा है
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शराब की खुली बोतल मौजूद है
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ड्राइवर के अलावा पैसेंजर ने भी शराब पी रखी है
तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है और मामला दर्ज हो सकता है।
निष्कर्ष
कार चाहे आपकी अपनी हो, किराए की हो या दोस्त की —
अगर वह घर से बाहर है, तो कानून की नजर में वह पब्लिक प्लेस है।
कार में शराब पीना, चाहे ड्राइव कर रहे हों या नहीं — जोखिम भरा और गैरकानूनी है। बेहतर है कि कानून से बचें और “कार-ओ-Bar” की सोच से दूर रहें।
